आंतों में मल का चिपकने के कारण और बचाव
दोस्तों आज हम इस लेख में आपको आंतों में मल का चिपकना उसके कारण और उससे होने वाले नुकसान तथा आंतों में मल के चिपकने से कैसे बचा जा सके उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी दूंगा।
1. आंतों में मल का चिपकना क्या है?
आंतों में मल का चिपकना (Fecal Impaction या Constipation with stool adhesion) faecal loaded large bowel loops in hindi कहलाता है यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें मल बड़ी आंत में जमा होकर सख्त हो जाता है और पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता। ऐसा होने से पाचन क्रिया बाधित होती है और शरीर में विषाक्त पदार्थों का जमाव होने लगता है।
यह समस्या अक्सर बढ़ती उम्र, गलत खान-पान, पानी की कमी और शारीरिक निष्क्रियता के कारण ज्यादा देखने को मिलती है।
आंतों में मल जमने के लक्षण-
आंतों में मल का चिपकना या आंतों में मल जमने के लक्षण कई प्रकार के हो सकते हैं लेकिन इसके 5 आम लक्षण होते हैं जो निम्नलिखित हैं-
1. कब्ज और पेट में भारीपन
पेट में भारीपन और कब्ज आंतों में मल चिपकने का मुख्य लक्षण है। मल साफ न होने के कारण लगातार पेट भारी बना रहता है और शौच क्रिया में कठिनाई आती है।
2. पेट दर्द और ऐंठन-
पेट में दर्द और ऐंठन भी आंतों में मल चिपकने का लक्षण हो सकता है आंतों में मल अटकने से गैस बनती है, जिससे तेज ऐंठन और दर्द होता है।
3. मुंह से बदबू आना और भूख न लगना
आंतों में मल चिपकने की वजह से टॉक्सिन्स शरीर में जमने लगते हैं जिससे मुंह से बदबू आने लगती है और भूख भी कम हो जाती है।
4. त्वचा संबंधी समस्याएं-
आंतों में मल चिपकने की वजह से चेहरे तथा स्क्रीन पर पिंपल्स, एक्ने, खुजली या रैशेज जैसी दिक्कतें होने लगती है ज्यादा दिन तक यह समस्या रहने पर त्वचा संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं।
5. थकान और चिड़चिड़ापन
आंतों में मल चिपकने की वजह से शरीर में विषाक्तता बढ़ती है और विषाक्तता बढ़ने से व्यक्ति सुस्त और स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है।
आंतों में मल चिपकने के कारण
वैसे तो आंतों में मल चिपकने के कई कारण होते हैं लेकिन हम यहां पर पांच मुख्य कारण की चर्चा कर रहे हैं जो अक्सर देखने को मिलता है।
1. भोजन में फाइबर की कमी
भोजन में फाइबर आहार जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज न खाने से मल सख्त हो जाता है।
2. पानी कम पीने से
पानी को आवश्यकता से कम पीना या दिनभर में पर्याप्त पानी न पीने से आंतों में मल सूखकर चिपक जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना आंतों में मल चिपकने का कारण बन सकता है।
3. शारीरिक गतिविधि की कमी
आंतों में माल चिपकने की समस्या अधिकांशत उन लोगों को होती है जो लोग बैठे-बैठे ज्यादा समय बिताते हैं, उन्हें ये समस्या होने का खतरा ज्यादा होता है।
तनाव और चिंता पाचन क्रिया को प्रभावित करता है और आंतों में मल चिपकने का कारण बन सकते हैं।
5. दवाइयों का दुष्प्रभाव
कभी-कभी दर्द निवारक, एंटीडिप्रेसेंट या आयरन सप्लिमेंट जैसी दवाएं भी आंतों में मल चिपकने का कारण बनती हैं।
आंतों में मल चिपकने से होने वाले नुकसान
आंतों में मल चिपकने से होने वाले नुकसान निम्नलिखित है-
पाचन तंत्र पर असर- आंतों में मल चिपकने से पाचन तंत्र पर भारी असर पड़ता है और जिस भोजन सही से पचता नहीं और गैस बनती रहती है।
हीमोरॉइड्स (बवासीर)- कठोर मल के कारण बवासीर की संभावना बढ़ जाती है।
टॉक्सिन बिल्डअप- मल बाहर न निकलने से शरीर में ज़हर फैल सकता है।
मनोवैज्ञानिक असर- लगातार असहजता के कारण चिंता और डिप्रेशन तक हो सकता है।
आंतों में जमा मल कैसे निकाले घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज
आंतों में मल चिपकने के कुछ घरेलू आयुर्वेदिक उपचार हैं जिन्हें उपयोग करके आंतों में मल का चिपकना की समस्या से निजात पाया जा सकता है वे आयुर्वेदिक घरेलू उपचार निम्नलिखित है।
1. त्रिफला चूर्ण- आंतों में मल चिपकने की समस्या में रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला गर्म पानी के साथ लें।
2. इसबगोल की भूसी- 1-2 चम्मच इसबगोल को गुनगुने दूध के साथ लेने से मल साफ होता है। और हाथों में मल चिपकने की समस्या दूर होती है।
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3. अरंडी का तेल (Castor Oil)
1 चम्मच अरंडी का तेल गर्म पानी में मिलाकर सप्ताह में एक बार लें। इससे आंतों में मल के चिपकने की समस्या दूर होती है।
4. गुनगुना पानी और नींबू
सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं। ऐसा करने से मल चिपकने की समस्या से राहत मिलती है।
5. फाइबर युक्त आहार
आंतों Aanto में मल के चिपकने की समस्या से निजात पाने के लिए फाइबर युक्त भोजन लेना चाहिए इसमें आंवला, पपीता, अमरूद, बीन्स, ब्राउन राइस, चिया सीड्स आदि को पर्याप्त मात्रा में अपने भोजन में शामिल करें।
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
उपरोक्त घरेलू उपचार सिर्फ साधारण परिस्थितियों में करना चाहिए यदि समस्या गंभीर हो जैसे-
- मल 3-4 दिनों तक न निकले
- पेट में लगातार तेज दर्द हो
- मल में खून आने लगे
- वजन तेजी से घटने लगे
- लंबे समय से कब्ज बनी हो
ऐसी अवस्था में तुरंत किसी गैस्ट्रो या पेट रोग फिजिशियन से संपर्क करना चाहिए।
बचाव के आसान उपाय
पेट में मल जमना या आंतों में माल के चिपकने से बचाव के लिए कुछ सावधानियां को अपना करके तथा अपनी जीवन शैली में बदलाव करके आंतों में मल का चिपकना से बचाव किया जा सकता है।
- रोजाना कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं
- डाइट में रेशा (फाइबर) बढ़ाएं
- रोजाना 30 मिनट टहलें या हल्की एक्सरसाइज करें
- तनाव स्ट्रेस न लें या स्ट्रेस को कम करें
- समय पर भोजन और शौच की आदत डालें
डाइट प्लान और योग-
आंतों को साफ रखने वाली डाइट संतुलित डाइट को अपनी आहार में शामिल करनी चाहिए।
योगासन जो मल चिपकने में असरदार हैं उन्हें करना चाहिए जैसे-
- पवनमुक्तासन
- भुजंगासन
- वज्रासन
- मण्डूकासन
- कपालभाति प्राणायाम
आदि को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या मल का चिपकना गंभीर बीमारी है?
अगर समय पर इलाज न किया जाए तो ये बवासीर, फिशर और अन्य बड़ी आंत की समस्याओं का कारण बन सकता है।
Q. क्या सिर्फ घरेलू नुस्खों से राहत मिल सकती है?
हां, शुरुआती अवस्था में घरेलू उपाय और योग से काफी राहत मिलती है। गंभीर केस में डॉक्टर से सलाह जरूरी है।
Q. क्या बार-बार कब्ज से मल चिपकता है?
जी हां, लगातार कब्ज रहने से मल धीरे-धीरे आंतों की दीवार पर चिपकने लगता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
आंतों में मल का चिपकना एक आम लेकिन अनदेखी की जाने वाली समस्या है जो समय पर नियंत्रण न किया जाए तो गंभीर रूप ले सकती है। फाइबर युक्त डाइट, पानी, योग और सही जीवनशैली से इस पर काबू पाया जा सकता है। अगर समस्या बढ़ती जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
जरूरी सूचना: हमारी वेबसाइट स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदान करती है परंतु आंतों में मल का चिपकना के कारण और बचाव ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। आप अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
धन्यवाद
अशोक तिवारी
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