मुहांसा, मुहांसा के प्रकार, मुहांसा का घरेलू उपचार
मुहांसा हमारे चेहरे के त्वचा की एक ऐसी स्थिति है जो सफेद, काले और जलने वाले लाल दाग के रूप में चेहरे पर दिखते हैं। यह लगभग 14 वर्ष से शुरू होकर 30 वर्ष तक कभी भी निकल सकते हैं। ये निकलते समय तकलीफ दायक होते हैं व बाद में भी इसके दाग-घब्बे चेहरे पर रह जाते हैं।
मुहांसा होने के कारण:-
वास्तव में मुँहासे सामान्यत पित्त व कफ दोष के असंतुलन होने की वजह से होते हैं। यह असंतुलित दोष (Imbalance Dosha) शरीर में पहुँचकर हमारी पाचन क्रिया (Digestive system) कमजोर या खराब कर देते हैं जिसकी वजह से खाया हुआ खाना ठीक प्रकार से पच नहीं पाता है और पेट भी अच्छे से साफ नहीं होता है। अगर पेट अच्छे से साफ नहीं होगा तो हमारे शरीर के विषाक्त (Toxin) बाहर न निकलकर शरीर के खून को गंदा कर देते हैं। जिसकी वजह से चेहरे के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और चेहरे की त्वचा पर अनेक प्रकार के दाने,धब्बे,व छोटी गांठ बन जाती है
मुंहासे के प्रकार
मुंहासे मुख्यत: से 5 प्रकार के होते हैं,जो निम्नलिखित हैं :-
1) सफेद दब्बों का होना- (Whiteheads)
इसका उपचार करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि इस स्थिति में छिद्र पूरी तरह से बंद हो जाता है और तब ऐसे उत्पाद उपयोगी साबित हो सकते हैं, जिनमें अधिक मात्रा में सैलिसिलिक एसिड होता है।
2) काले दब्बों का होना- (Blackheads)
ये तब होते हैं जब त्वचा के छिद्र सीबम और मृत त्वचा कोशिकाओं के संयोजन से भरा होता है।और बाकी भाग भरा होने के बावजूद, छिद्र का सामने वाला भाग खुला रहता है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा का रंग काला पड़ जाता है।
3) फुंसी का होना:-
यह मुंहासे का सबसे लोकप्रिय प्रकार है, जो उस स्थिति में होती है जब फैट ग्लैंड संक्रमित हो जाती है और इसके कारण त्वचा में सूजन, लाल दब्बे पड़ जाते हैं।
4) सिस्ट का होना :-
सिस्ट की समस्या मुख्य रूप से उस स्थिति में होती है, जब छिद्र में बैक्टीरिया, सीबम और मृत कोशिकाएं इकट्ठा हो जाते हैं। इसकी वजह से त्वचा पर लाल दब्बे पड़ सकते हैं, जिन्हें छूने पर दर्द भी हो सकता है।
5) छालों का पड़ना :-
जब छिद्रों के चारों ओर की दीवारें टूट जाती हैं, तो छाल हो जाते हैं। ये मवाद (Pus) से भरे हुए होते हैं। तथा ये धब्बे त्वचा से उभर आते हैं और इसकी वजह से त्वचा लाल रंग की हो जाती है। ये आमतौर पर पीले या सफेद रंग के होते हैं।
मुहांसा दूर करने के घरेलू उपाय :-
1- मुहांसा दूर करने के लिए करे अरंडी का तेल का इस्तेमाल
अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल) त्वचा की गंदगी को साफ करने का काम कर करता है साथ ही कैस्टर ऑयल में त्वचा संबंधी समस्याओं से लड़कर स्किन को स्वस्थ और मुलायम बनाने का काम भी करता है इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल के गुण भी पाए जाते हैं। इसी वजह से कहा जाता है कि अरंडी का तेल मुंहासों से बचाव में भी मदद कर सकता है हालांकि, इसको लेकर किसी तरह का प्रत्यक्ष प्रमाण या शोध मौजूद नहीं है।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- अरंडी का तेल और एलोवेरा जेल दोनों का मिश्रण बनाकर चेहरे पर लगाएं।
- मिश्रण के सूख जाने पर त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें।
2- मुहांसा दूर करने के लिए करे जोजोबा ऑयल का इस्तेमाल
जोजोबा ऑयल का मुंहासे हटाने के उपयोग में लंबे समय से इस्तेमाल होता आ रहा है। कई शोध भी इस बात का समर्थन करते हैं कि जोजोबा ऑयल एक्ने के लिए लाभदायक हो सकता है। एक शोध में पाया गया कि त्वचा के हल्के मुंहासों को ठीक करने में जोजोबा ऑयल फेशियल मास्क प्रभावी साबित हो सकता है।
जोजोबा ऑयल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल जैसे अनेक गुण होते हैं। इन्हीं की वजह से यह मुंहासों को कम करने का काम कर सकता है। जोजोबा ऑयल को पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे के रूप में और एक्ने के लक्षण को कम करने के लिए हर्बल तरह माना जाता है।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- जोजोबा ऑयल की कुछ बूंदें रूई की मदद से चेहरे पर लगा लें।
- इसे लगाने के करीब 15 मिनट बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें
3- मुहांसा दूर करने के लिए करे टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल
टी ट्री ऑयल को मुहासो के इलाज के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। मुंहासो में इसका इस्तेमाल एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण की वजह से किया जाता हैै इन्हीं गुणों को देखते हुए मुंहासे की दवा यानी क्रीम व जेल में भी टी-ट्री ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से यह माना जाता है कि टी-ट्री ऑयल को पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे की तरह इसे इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- दो से तीन बूंद टी-ट्री ऑयल और आधे चम्मच एलोवेरा जेल दोनों को आपस में मिलाकर चेहरे पर लगा लें।
- कुछ देर बाद पेस्ट जब सूख जाए तो साधारण पानी से चेहरे को धो लें।
- रोजाना इस प्रक्रिया को दो से तीन बार किया जा सकता है
4- मुहांसा दूर करने के लिए करे शहद और दालचीनी का इस्तेमाल
शहद और दालचीनी के पाउडर भी मुहांसा हटाने का घरेलू उपाय हो सकता है। कहा जाता है कि यह पिंपल को कम कर सकता है। दालचीनी और शहद बैक्टीरिया से लड़कर मुहांसा के इलाज में मदद कर सकते हैं। ये दोनों शहद और दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। साथ ही दालचीनी में मौजूद सिनामलडिहाइड केमिकल कंपाउंड में एंटीइंफ्लामेटरी गुण भी होते हैं, जो मुंहासा का उपचार करने में लाभदायक होता है।
वहीं, एनसीबीआई के एक शोध में जिक्र है कि शहद का एसिडिक नेचर और एंटीबायोटिक गुण मुंहासे के बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ ही इसे पनपने से रोक सकते हैं। इसके अलावा, एंटीइंफ्लामेटरी गुण एक्ने की वजह से चेहरे में आने वाली रेडनेस को कम करने का काम कर सकता है
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- एक चम्मच दालचीनी पाउडर और तीन चम्मच शहद दोनो को मिला कर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को अच्छी तरह से मुंहासे प्रभावित भागो पर लगाएं।ध्यान रहे
- सोने से पहले पेस्ट लगाने के परिणाम प्रभावी हो सकते हैं।
- रातभर इसे चेहरे में लगा रहने दें और सुबह-सुबह गुनगुने पानी से चेहरा को धो लें।
- दो हफ्तों तक इसे रोजाना दोहराया जा सकता है।
5- मुहांसा दूर करने के लिए करे एलोवेरा का इस्तेमाल
मुंहासा हटाने का घरेलू उपाय में एलोवेरा जेल बहुत कारगर औषधि है । इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लामेट्री गुण बैक्टीरिया की वजह से होने वाले मुंहासे को पनपने से रोकने के साथ ही इससे संबंधित सूजन को कम कर सकते हैं। साथ ही एलोवेरा में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण भी बैक्टीरिया को त्वचा पर पनपने से रोकता है। एलोवेरा को लेकर एनसीबीआई में मौजूद एक शोध में यह भी कहा गया है कि इसमें एंटी-एक्ने गुण भी होते हैं, जो मुंहासों से बचाव कर करते हैं
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- एलोवेरा के ताजे पत्ते से ताजा जेल निकालें और सीधे पिम्पल प्रभावित हिस्से पर लगा लें।
- करीब 15-20 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें।
6- मुहांसा दूर करने के लिए करे लहसुन का इस्तेमाल
लहसुन को भी मुहांसा हटाने का तरीका माना जाता है। इसमें एलिसिन (Allicin) होता है, जो एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करता है। यह त्वचा को बैक्टीरिया से मुक्त रखने के साथ-साथ इन्हें पनपने से रोकने का काम करता है । इसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण भी पाएं जाते हैं। ये गुण मिलकर मुंहासे को कम करने में लाभदायक हो सकते है। इसके हाइड्रोक्लोरिक अर्क से एंटी-एक्ने जेल को भी बनाया जाता है ।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- सबसे पहले लहसुन का पेस्ट बनाकर तैयार करें।
- अब इसमें थोड़ा सा शहद और पानी की कुछ बूंदें डालकर मिश्रण बनाकर चेहरे पर लगा लें।
- मिश्रण लगाने के बाद जब सूख जाए तो त्वचा को साधारण पानी से धो लें।
7- हल्दी से पिंपल हटाने के उपाय
हल्दी का उपयोग भी मुहांसा हटाने का सरल तरीका है। इसके एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और हीलिंग गुण की वजह से इसे पिंपल के लक्षण को कम करने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है । हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी के साथ ही एंटीमाइक्रोबियल गुण प्रदर्शित करता है। ये सभी गुण मिलकर पिंपल व मुंहासों को ठीक करने में मदद साबित हो सकते हैं ।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- एक चुटकी हल्दी में थोड़ी सी शहद मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
- अब इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं 20 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद चेहरे को धो लें।
8- मुहांसा दूर करने के लिए करे सेंधा नमक का इस्तेमाल
मुहांसा हटाने का आसान तरीका सेंधा नमक भी है। इसमें मौजूद मैग्निशियम हार्मोन्स को बैलेंस करके एक्ने के लक्षण को कम करने में मदद कर करता है। इसके अलावा, यह स्किन में मौजूद डेड सेल्स को साफ करके त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाने में मदद कर करता है।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- पानी से भरे टब में सेंधा नमक डालकर एक्ने प्रभावित हिस्से को पानी में भिगोएं।
- या एक रूई को सेंधा नमक के पानी में डूबोकर मुंहासों के ऊपर रख दें।
- करीब 20 से 35 मिनट बाद तौलिए से त्वचा को पोंछ कर ऐसे ही छोड़ दें। काफी फायदा होगा
9- मुहांसा दूर करने के लिए करे नीम का इस्तेमाल
मुहांसा हटाने के घरेलू नुस्खे के तौर पर नीम का इस्तेमाल काफी प्रचलित और पुराना है। नीम की पत्तियों में एंटीइंफ्लामेटरी और एंटीबैक्टीरियल के गुण पाए जाते हैं । एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में बताया है कि नीम के इथेनॉल अर्क से एंटी-एक्ने पैक तैयार किया जा सकता है।
इस रिसर्च में पाया गया कि इन सामग्रियों की मदद से बनाया गया एंटी-एक्ने फॉर्मूला प्रोपियोबैक्टीरियम के साथ ही स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिस (एक्ने और मुंहासे की वजह बनने वाले जीवाणु) के खिलाफ काम कर सकता है । इन्हीं खूबियों की वजह से नीम की पत्तियों को पिंपल के उपचार के लिए औषधि के रूप में माना जाता है।
इस्तेमाल करने का तरीका :-
- नीम की कुछ पत्तियों को पीसकर मुंहासों पर लगा सकते हैं।
- इसके अलावा, नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उसके ठंडे काढे से चेहरा धो सकते हैं।
- नीम के साथ ही तुलसी और ग्रीन टी को एक साथ पिसकर भी इस लेप को चेहरे पर लगाया जा सकता है।
10- मुहांसा दूर करने के लिए करे आर्गन ऑयल का इस्तेमाल
आर्गन ऑयल का इस्तेमाल मुंहासा को हटाने के लिए । प्राचीन समय से किया जा रहा है हर तरह एक्ने व पिम्पल हटाने के उपाय के रूप में इसे इस्तेमाल में लाया जाता रहा है रिसर्च के मुताबिक आर्गन ऑयल चेहरे के सीबम (ऑयल) को कम करके एक्ने से राहत दिलाने में सहायक साबित हो सकता है।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- आर्गन तेल को नारियल या बादाम तेल की बूंदों के साथ मिलाकर
- सूती कपड़े (cotton) की मदद से चेहरे पर दिन में 3-4 बार लगाएं।
11- मुहांसा दूर करने के लिए करे सेब का सिरका का इस्तेमाल
मुंहासा हटाने का आसान तरीका सेब का सिरका भी है। त्वचा के पीएच लेवल में असंतुलन की वजह से भी मुंहासे हो सकते हैं । इसी वजह से पिम्पल हटाने के उपाय के रूप में सेब के सिरके का इस्तेमाल किया जाता है। सेब का सिरका त्वचा के पीएच को संतुलित करने का काम कर सकता है। इसके अलावा, सेब के सिरके के एंटीबैक्टीरियल गुण एक्ने बैक्टीरिया को खत्म करके मुंहासे को कम कर सकते हैं।
इस्तेमाल करने का तरीका :-
- एक चम्मच सेब के सिरके में आधा चम्मच पानी को मिलाकर चेहरे पर लगाएं।
- कुछ देर बाद चेहरे को पानी से धो लें।
12- मुहांसा दूर करने के लिए करे नींबू का इस्तेमाल
मुंहासा के इलाज लिए कई अन्य घरेलू पदार्थों की तरह ही नींबू का उपयोग भी किया जा सकता है नींबू में मौजूद फ्लेवोनोइड जीवाणुरोधी गतिविधि को प्रदर्शित करते हैं। इसी वजह से ये त्वचा में बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते, जिससे एक्ने में राहत मिल सकती है। इसके अलावा, नींबू में मौजूद सिट्रस एसिड भी प्रोपिओनी बैक्टीरियम एक्ने (Propionibacteriumacnes) को बढ़ने नहीं देता इसी वजह से नींबू को पिंपल के घरेलू उपाय के रूप में जाना जाता है।
इस्तेमाल करने का तरीका:-
- नींबू का रस निचोड़कर एक कटोरी में निकाल लें।
- कुछ बूंदें पानी की डालकर इसे मिश्रण बना लें
- अब पानी और नींबू के रस के मिश्रण को रूई की मदद से मुंहासों पर लगाएं। 30 मिनट बाद चेहरे को धो लें।
13- मुहांसा दूर करने के लिए करे विच हेजल का इस्तेमाल
मुंहासों की समस्या से निजात पाने के लिए विच हेजल का इस्तेमाल भी किया जाता है। इसमें पाया जाने वाला टैनिन (Tannin) तैलिय त्वचा के लिए एस्ट्रिंजेंट की तरह काम कर सकता है। एक ऐसे पदार्थ की तरह, जो चेहरे से सीबम (तैलीय पदार्थ) बनने को कम करता हो। इसी वजह से विच हेजल को पिंपल का उपचार करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इसके अलावा, विच हेजल में एंटी-इन्फ्लामेटरी गुण भी मौजूद होते हैं । इस आधार पर हम कह सकते हैं कि विच हेजल को पिंपल के घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस्तेमाल करने का तरीका :-
- विच हेजल के तेल को रूई की मदद से प्रभावित भाग पर लगाएं।
- फिर कुछ देर बार गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
14- मुहांसा दूर करने के लिए करे मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल
मुल्तानी मिट्टी भी मुंहासे हटाने के घरेलू नुस्खे में से एक उपाय है। एक्ने त्वचा की तेल ग्रंथियों के द्वारा सीबम (तैलीय पदार्थ) बनने की वजह से होते हैं ।जिसे मुल्तानी मिट्टी त्वचा में बनने वाले इस प्राकृतिक तेल को सोखकर चेहरे पर जमी गंदगी को साफ कर सकती है। इसी कारण से माना जाता है कि मुल्तानी मिट्टी को इस्तेमाल करने से चेहरे पर मुंहासे कम हो सकते हैं। और मुल्तानी मिट्टी चेहरे के दाग-धब्बों को भी कम कर सकती है, क्योंकि यह त्वचा को गहराई से साफ करती है।
मुल्तानी मिट्टी में एंटी-माइक्रोबियल गुण भी पाए जाते हैं, जो एक्ने बैक्टीरिया को खत्म करने और उन्हें पनपने से रोकने में मदद करते हैं । इसी कारण से एंटी-एक्ने जेल बनाने के लिए भी मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है।
इस्तेमाल करने का तरीका :-
- तीन चम्मच मुल्तानी मिट्टी और एक चम्मच शहद तथा आवश्यकतानुसार गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें।
- अब इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और कुछ देर बाद चेहरे को धो लें।
इसके अलावा और कई घरेलू उपाय हैं जिसे भी उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है :-
- त्वचा को कच्चे दूध में नींबू मिलाकर रूई द्वारा साफ करें, इससे त्वचा पर जमी गंदगी हट जाएगी।
- मुल्तानी मिट्टी में नींबू व टमाटर का रस मिलाकर लगाएं, सुखने पर धो डालें। मुल्तानी मिट्टी में चंदन पाउडर व गुलाब जल मिलाकर भी लगाया जा सकता है। यह पैक त्वचा में कसाव उत्पन्न करता है व रोमछिद्रों को सिकोड़ देता है।
- मसूर की दाल का पाउडर बना लें, अब दो चम्मच पाउडर में चुटकी भर हल्दी, नींबू की कुछ बूंदें, दही मिलाकर लेप बनायें व चेहरे पर लगायें, सूखने पर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
- एक बड़ा चम्मच तुलसी के पत्तों का पाउडर, एक चम्मच नीम के पत्तों का पाउडर और एक चम्मच हल्दी पाउडर मिला लें। थोड़ा सा मुल्तानी मिट्टी का पाउडर भी मिला लें। जब भी प्रयोग करना हो, इसका पेस्ट बनाकर सप्ताह में दो बार चेहरे पर लगाएं। चेहरा कोमल व साफ बनेगा।
- अपने बालों की सफाई का पूरा ध्यान रखें।
- भरपूर मात्रा में पानी पिएँ|
- कब्ज न होने दें|
- बार-बार चेहरे को न छुएँ|
- यदि मुहासों ने गंभीर रूप ले लिया हो, तो त्वचा रोगविशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
यदि त्वचा संवेदनशील है तो उपरोक्त उपचार करने से पहले किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें
धन्यवाद
अशोक तिवारी