हृदय शूल दो प्रकार के होते हैं एक दीर्घकालिक हृदय शूल अल्पकालिक हृदय शूल हम यहां आपको अल्पकालिक हृदय शूल के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं अल्पकालीन हृदय शूल कम समय के लिए या थोड़ी देर के लिए हृदय में जो दर्द उठाता है और यह बहुत तेज या कम भी हो सकता है जिसे अल्पकालिक हृदय शूल कहते हैं। अंग्रेज़ी भाषा में इसे (Angina Pactories) कहते हैं।
अल्पकालिक हृदय शूल के कारण और 10 प्रमुख देसी घरेलू उपाय
अल्पकालिक हृदय शूल और दिल के दौरे (Heart Attack) के कारण हमेशा समान होते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार ये सात कारण सभी प्रकार के हृदय रोगों को जन्म देने के कारण होते हैं तो दोस्तों आज मैं आपको इस लेख के माध्यम से बताऊंगा कि हृदय पीड़ा, अल्पकालिक हृदय शूल के क्या कारण है? और किन-किन देसी घरेलू उपचार को अपना करके इन्हें ठीक किया जा सकता है। तो चलो आगे हम जानते हैं कि अल्पकालिक हृदय शूल के कारण क्या है
अल्पकालिक हृदय शूल के कारण
अल्पकालिक हृदय शूल के 7 प्रमुख कारण है
1. रक्त में कोलेस्ट्रोल के स्तर ऊपर होना।
2. उच्च रक्तचाप बढ़ जाना हाई बीपी का होना।
3. मधुमेह (डायबिटीज) होना।
4. खानें में प्रोटीन अधिक मात्रा में लेने के कारण रक्त में यूरिक एसिड का स्तर ऊंचा हो जाना।
5. शरीर में मोटापा होना तथा शरीर का भार आवश्यकता से अधिक होना।
6. शारीरिक मेहनत वाली गतिविधियां जैसे शारीरिक व्यायाम आदि नहीं करना ।
7. तंबाकू या धूम्रपान और शराब आदि नशों का अधिक सेवन करना भी अल्पकालिक शूल का सातवां कारण है।
आप लोग अल्पकालीन शूल के कारण जान गए होंगे अब मैं आपको अल्पकालिक हृदय शूल को दूर करने के कुछ प्रमुख देसी घरेलू उपाय के बारे में जानकारी देंगे
अल्पकालिक हृदय शूल को दूर करने के 10 प्रमुख देसी घरेलू उपाय
1. अनार का रस हृदय को ताकत देता है अनार के दस ग्राम रस में पिसी मिश्री डालकर नित्य सुबह पीने से हृदय की जकड़न और दर्द दूर हो जाता है।
2. लौकी का सूप नियमित रूप से सुबह-शाम पिएं या उसकी सब्जी बनाकर खाएं तो हृदय रोग में काफी लाभ होता है।
3. मूली का सेवन नियमित रूप से करने वाले व्यक्ति के हृदय में पीड़ा-जलन की समस्या नहीं होती है।
4. पीपल के कोमल पत्तों का रस 5 ग्राम से 10 ग्राम तक निकालें। और इसमें शहद मिलाकर पीने से हृदय की पीड़ा मिट जाती है और हृदय को आराम मिलता है।
5. अर्जुन के वृक्ष की छाल का काढ़ा पीने से हृदय की पीड़ा और जलन में आराम मिलता है।
6. लहसुन को दूध में पकाकर सेवन करने से हृदय की जकड़न जलन और पीड़ा में आराम मिलता है।
7. दस ग्राम गुड़, दस ग्राम अर्जुन की छाल, और पचास ग्राम दूध लें। अर्जुन की छाल को पीसकर चूर्ण बना लें और अब चूर्ण को दूध में डालकर पकाएं तथा गुड़ मिलाकर पिएं। ऐसा करने से हृदय के समस्त हृदय रोग और विकार दूर हो जाते हैं।
8. दो ग्राम कुटकी और तीन ग्राम मुलहठी को लेकर पीस लें और अब मिश्री के साथ शर्बत बनाकर पीएं इससे हृदय-गति सामान्य हो जाएंगी और हृदय की कमजोरी दूर होगी।
9. 5 ग्राम मेथीदाना लेकर उसका क्वाथ बना लें। इसमें शहद मिलाकर सेवन करने से हृदय की पीड़ा, घबराहट और जलन दूर होती है।
10. बहेड़ा और असगन्ध के चूर्ण को गुड़ में मिलाकर गोलियां बना लें। इसे सुबह और सायंकाल दो-दो गोली गरम पानी के साथ खाएं इससे हृदय की पीड़ा से छुटकारा मिल जाता है।
हृदय में पीड़ा की शिकायत होने पर तत्काल तम्बाकू सुंघाना चाहिए। इससे हृदय की जलन में भी आराम मिलेगा लेकिन इसे घरेलू उपचार के विकल्प में नहीं लेना चाहिए और हमेशा यह प्रयोग नहीं करना चाहिए
यदि समस्या गंभीर हो तो किसी कार्डियोलॉजिस्ट हृदय रोग विशेषज्ञ की परामर्श अनुसार दवा ले घरेलू उपचार केवल सामान्य परिस्थितियों में लाभकारी साबित हो सकता है
जरूरी सूचना: हमारी वेबसाइट स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदान करती है परंतु ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। आप अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
धन्यवाद
अशोक तिवारी
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