अनियमित मासिक धर्म ठीक करने की घरेलू उपाय (how to get regular periods naturally)
मासिक धर्म क्या है ?
इस लेख में मै आपको अनियमित मासिक को धर्म ठीक करने के लिए घरेलू उपाय के बारे में जानकारी दूंगी मासिक धर्म, जिसे आमतौर पर पीरियड्स या माहवारी के नाम से भी जाना जाता है, यह एक महिला के शरीर में होने वाली मासिक क्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य गर्भनिरोध तथा गर्भावस्था के लिए तैयारी करना होता है। मासिक धर्म की आवश्यकता हर महिला के जीवन में आती है और इसका संचालन उनके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है।
मासिक धर्म का समय
यह कारण आपके शरीर के नियमितता, स्वास्थ्य स्तर, आहार और अन्य फैक्टर्स पर निर्भर कर सकता है।
आपके मासिक धर्म के समय के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आपको एक मासिक धर्म ट्रैकिंग ऐप्लिकेशन या कैलेंडर का उपयोग करके अपने आवर्त चक्र की समय समझने में मदद मिलेगी।
मासिक धर्म के दौरान महिला के शरीर में गर्भशय से निकलने वाले रक्त तथा अन्य सामग्री को बाहर निकालने के लिए गर्भनालिका में मार्ग खोलता है, जिससे यह रक्त बाहर निकलता है और यह प्रक्रिया महिला के शरीर के नियमित स्वास्थ्य और गर्भनिरोध की सहायता करने के लिए महत्वपूर्ण होती है।
मासिक धर्म के दौरान महिला में शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन होते हैं, जिनमें दर्द, पीड़ा, मूड स्विंग्स,थकान आदि शामिल हो सकते हैं। तो चलो हम आगे जानते हैं अनियमित मासिक धर्म ठीक करने की घरेलू उपाय
मासिक धर्म के लक्षण –
मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में विभिन्न शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन होते हैं। निम्नलिखित कुछ मासिक धर्म के आम लक्षण होते हैं:
1. पेट में दर्द – पेट में दर्द या क्रैम्प्स काफी आम होते हैं जो शैशिक रक्त प्रवाह के कारण होते हैं
2. रक्त स्राव – मासिक धर्म के दौरान रक्त स्राव होता है जिसमें रक्त के साथ थोड़ा पानी भी हो सकता है
3. स्तनों में तनाव – कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के समय स्तनों में तनाव या दर्द हो सकता है।
4. मूड स्विंग्स – मासिक धर्म के समय मूड में परिवर्तन हो सकता है, जैसे कि उदासी, खुशी, चिढ़चिढ़ापन आदि।
5. थकान और थकावट – मासिक धर्म के दौरान थकान और थकावट की भावना हो सकती है, क्योंकि यह शरीर के उपयोग की मात्रा में कमी के कारण होता है।
6. मासिक असमय आना – कुछ महिलाएँ मासिक धर्म के अनियमित सिक्लस का सामना कर सकती हैं, जिसके कारण उनके धर्म समय पर नहीं आ सकता है।
7. पेट में सूजन और गैस – कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के समय पेट में सूजन और गैस की समस्या हो सकती है।
8. मतली और उलटी – कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के समय मतली और उलटी की समस्या हो सकती है।
9. शरीर में परेशानी – कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के समय शरीर में परेशानी, चक्कर, उबकाई आदि की समस्या हो सकती है।
यह लक्षण हर एक महिलाओं अलग – अलग हो सकते हैं।अगर कोई महिला अत्यधिक पीड़ा या असामान्य लक्षणों का सामना कर रही है, तो वह घरेलू उपचार ना करके किसी योग्य महिला चिकित्सक से सलाह लेने की सलाह देती हूँ।
मासिक धर्म के समय अपनाये ये जीवन शैली –
मासिक धर्म के दौरान कुछ चीजो का प्रयोग आप आपने स्वास्थ्य और आराम को सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं। यहाँ कुछ प्रयोग दिए जा रहे हैं जो आप मासिक धर्म के समय कर सकते हैं आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए कुछ उपाय निम्नलिखित हैं:
1. पोषणपूर्ण आहार – मासिक धर्म के दौरान पोषणपूर्ण आहार खाना महत्वपूर्ण है। फल, सब्जियाँ, पूरी अनाज, दूध, डेयरी उत्पाद आदि का सेवन करें। यह आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करेगा और आपको स्वस्थ रखेगा।
2. ताजा और सुरक्षित स्वच्छता सामग्री का प्रयोग – आपको ताजा और सुरक्षित स्वच्छता सामग्री का प्रयोग करना चाहिए, जैसे कि स्वच्छ सैनिटरी पैड या टैम्पन।
3. ताजा फल और सब्जियाँ – ताजा फल और सब्जियों का सेवन करना आपके शारीर में पोषण प्रदान कर सकता है और आपकी स्वास्थ्य की देखभाल कर सकता है।
4. विश्राम और आराम – मासिक धर्म के दौरान अपने शरीर को पूरी तरह से आराम देना महत्वपूर्ण है। अपने शारीर की सुनो और आवश्यकताओं के अनुसार विश्राम करें।
5. पानी की पर्याप्त मात्रा – पानी की सही मात्रा में पीना आपके शारीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद कर सकता है। पानी पीने से आपके शरीर का तापमान बना रहता है और रक्तस्राव को सामान्य बनाता है। प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने का प्रयास करें।
6. गरम पानी का सेवन – गरम पानी पीने से पेट के दर्द में राहत मिलती है।
7. योग और प्राणायाम – योग और प्राणायाम करने से शारीर में उत्तराधिकारी सिरे में रक्त प्रवाहित होता है और दर्द कम होता है।
8. गर्मियों और गर्मी से बचाव – गर्मियों में ठंडी चीजों का सेवन करना, अपने शरीर को ठंडा रखना और गर्मी से बचाव के लिए उपायों का अनुसरण करना फायदेमंद होता है।
9. गर्म तेल मालिश – गर्म तेल से पेट की मालिश करने से दर्द में राहत मिलती है।
10. हल्की व्यायाम – हल्की व्यायाम करने से शरीर में रक्त प्रवाहित होता है और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएँ कम होती हैं।
11. अधिक प्रोटीन और आयरन – प्रोटीन और आयरन युक्त आहार खाने से खून की कमी को ठीक करता है और थकान कम होती है।
12. अवसाद और तनाव से बचाव – मासिक धर्म के समय अवसाद और तनाव को कम करने के लिए पॉजिटिव और खुश विचारों का सेवन करें। यदि आपको मासिक धर्म के समय अत्यधिक दर्द या असामान्य लक्षणों का सामना हो रहा है, तो आपको एक चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
मासिक धर्म में परेशानी
मासिक धर्म के दौरान कई महिलाएँ शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करती हैं। यह कुछ मुख्य परेशानियाँ हो सकती हैं:
1. पेट में दर्द – पेट में दर्द या क्रैम्प्स एक सामान्य परेशानी होती है, जो दर्दनाक और असहज हो सकती है।
2. अधिक रक्तस्राव – कुछ महिलाएँ मासिक धर्म के समय अधिक रक्तस्राव का सामना कर सकती हैं, जिससे वे असुविधित और अस्वस्थ महसूस करती हैं।
3. मूड स्विंग्स – मासिक धर्म के समय मूड स्विंग्स हो सकते हैं, जिनमें उदासी, रुचिकर्षण, चिढ़चिढ़ापन, गुस्सा आदि शामिल होते हैं।
4. थकान और उत्साह की कमी – मासिक धर्म के समय शारीर में थकान और उत्साह की कमी हो सकती है, जिससे दिनचर्या में असुविधाएँ होती हैं।
5. आहार की बदलती इच्छाएँ – मासिक धर्म के समय आहार की पसंदें और इच्छाएँ बदल सकती हैं, जिससे आपके खाने का पैटर्न बदल सकता है।
6. स्तनों में तनाव – कुछ महिलाएँ मासिक धर्म के समय स्तनों में तनाव और दर्द की समस्या से गुजर सकती हैं।
7. अदरक और हल्दी की समस्याएँ – अदरक और हल्दी की समस्याएँ जैसे कि पेट दर्द और मतली भी मासिक धर्म के समय हो सकती हैं।
8. असामान्य मासिक धर्म – अनियमित या असामान्य मासिक धर्म की समस्या भी कुछ महिलाओं को हो सकती है, जिसके कारण उन्हें असुविधा हो सकती है।
यदि आपको मासिक धर्म के दौरान या इससे संबंधित किसी भी परेशानी का सामना कर रहा है, तो आपको एक चिकित्सक से सलाह लेने की सिफारिश की जाती है। डॉक्टर आपके स्वास्थ्य समस्याओं का सही निदान करने और सहायता प्रदान करने में मदद करते हैं।
मासिक धर्म का आवर्त चक्र
मासिक धर्म का आवर्त चक्र महिलाओं के शरीर में मासिक क्रिया के साथ जुड़े बारह महीने के आवर्तन का प्रक्रियात्मक परिप्रेक्ष्य होता है। यह आवर्त चक्र निम्नलिखित प्रमुख चरणों में बाँटा गया है:
1. मेंस्ट्रुएशन फेज (दिन 1-5) यह चरण मासिक धर्म के प्रारंभिक दिनों को सूचित करता है, जिसमें गर्भनिरोध वाला ऊतक रक्त से साथ बाहर निकलता है
2. फोलिक्युलर फेज (दिन 6-14) यह चरण मासिक धर्म के दौरान गर्भनिरोधक ऊतक में अद्भुतरक्त प्रवाह की शुरुआत करता है, जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ती है।
3. ओवुलेशन फेज (दिन 14) यह चरण महिला के ओवरी यानि अंडानु रूपिय ग्रंथि में अंडी के विकसित होने की प्रक्रिया को सूचित करता है, जिसके बाद अंडा ओवरी से निकलता है।
4. लुटेअल फेज (दिन 15-28) यदि गर्भधारण नहीं होती है, तो ओवुलेशन के बाद ऊतक लुटेअल फेज में आता है, जिसमें गर्भधारण समर्थन के लिए तैयार होता है। यदि गर्भधारण नहीं होती है, तो यह फेज गर्भनिरोधक ऊतक को अलग करने की प्रक्रिया में बदल जाता है, जिससे मासिक धर्म का आवर्त आता है।
मासिक धर्म के आवर्त चक्र लगभग 28 से 32 दिनों के बीच में पूरा होता है, लेकिन हर महिला के शारीर में यह आवदान अलग हो सकता है।
मासिक धर्म रोकने के उपाय :-
मासिक धर्म को रोकने के उपाय केवल डॉक्टर के सुझाव पर और मेडिकल स्थितियों में ही किए जाने चाहिए। यह किसी भी दवाई, परंपरागत या घरेलू उपचार का सवाल नहीं है।
यदि आपको मासिक धर्म को रोकने की आवश्यकता है, तो निम्नलिखित कुछ सामान्य उपायों का पालन करें, लेकिन फिर भी डॉक्टर की सलाह पर आमल करें:
1. गर्भनिरोधक औषधियाँ ~ यदि आप गर्भनिरोधक औषधियों का सेवन कर रहे हैं और चाहते हैं कि आपका मासिक धर्म न हो, तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
2. हार्मोनल उपचार ~ कुछ मामलों में, डॉक्टर हार्मोनल उपचार की सलाह दे सकते हैं, जिससे मासिक धर्म को रोका जा सकता है।
3. शतावरी और अशोकरिष्ट ~ कुछ आयुर्वेदिक दवाइयाँ जैसे कि शतावरी और अशोकरिष्ट, मासिक धर्म को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।
4. पर्याप्त पानी पीना ~ अच्छे हाइड्रेशन के साथ पानी पीना मासिक धर्म के समय रक्तस्राव को कम करने में मदद कर सकता है।
5. स्वस्थ आहार ~ पोषणयुक्त आहार खाना महत्वपूर्ण है। फल, सब्जियाँ, पूरी अनाज, दूध, डेयरी उत्पाद आदि का सेवन करें।
6. संतुलित व्यायाम ~ संतुलित व्यायाम करने से आपके शारीर में संतुलन बना रहेगा और मासिक धर्म पर प्रभाव पड़ने की संभावना कम होगी।
मासिक धर्म के घरेलू उपचार
मासिक धर्म के समय कुछ घरेलू उपचार मदद कर सकते हैं, यहाँ कुछ घरेलू उपचार दिए जा रहे हैं हम आगे जानते हैं अनियमित मासिक धर्म ठीक करने की घरेलू उपाय how to get regular periods naturally
यहाँ कुछ घरेलू उपचार दिए जा रहे हैं जिनका सही तरीके से इस्तेमाल करके महामारी में होने वाली समस्याओं से निजात पाया जा सकता है यह घरेलू उपचार निम्नलिखित है
1. काला तिल 6 माशा, काली मिर्च 6 माशा, गुड़ 3 तोला इन सबको 50 ग्राम पानी में औटाकर छान लें तथा पांच दिन तक सेवन करें। माहवारी साफ होगी।
2. रेवन चीनी 20 तोला,जवात्रार 20 तोला दोनों को महीन पीसकर शीशी में भर लें। इस चूर्ण को 8 रत्ती की मात्रा में दिन में दो से तीन बार तक गर्म पानी के साथ लें। यह चूर्ण रोग को हमेशा के लिए समाप्त कर देता है।
3. केशर 4 माशा, आकाश बेल, जराबन्द मुसब्बर 6-6 माशे, हीराकर 3 माशा पानी में पीसकर 2-2 रत्ती की गोली बना लें। दिन में तीन बार एक-एक गोली शहद के साथ चाटें ऊपर से गाय का दूध पिएं। इसके सेवन से मासिक धर्म ठीक तो होगा ही जिनका मासिक धर्म किसी कारणवश रुक गया है उन्हें नियमित होगा ।
4. गरम पानी की बोतल : पेट में दर्द को कम करने के लिए गरम पानी की बोतल का उपयोग करें। बोतल को पेट के नीचे रखकर ठंडा करने से आराम मिल सकता है।
5. अदरक और हल्दी : अदरक और हल्दी के उपयोग से पेट के दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है।
6. गर्म दूध में हल्दी : एक गिलास गर्म दूध में एक छोटी चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से दर्द में राहत मिल सकती है।
7. तुलसी की चाय : तुलसी की चाय पीने से शारीर का तापमान बना रहता है और दर्द में आराम हो सकता है।
8. अदरक की चाय : अदरक की चाय पीने से पेट के दर्द में आराम मिल सकता है।
9. योग और प्राणायाम : योग और प्राणायाम करने से मासिक धर्म के दर्द में आराम मिल सकता है। सुनिश्चित करें कि आप नियमित योग और प्राणायाम का अभ्यास करते हैं। योग और प्राणायाम आपके शारीर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं और मासिक धर्म के दर्द को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
10. सोने से पहले गरम दूध : सोने से पहले गरम दूध पीने से आराम मिलता है और अच्छी नींद आ सकती है लेकिन यदि गैस की समस्या हो तो इसके इस्तेमाल से बचे।
आस्वीकरण : यह वेबसाइट स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदान करती है परंतु ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। बताया गया यह उपचार सामान्य प्रकार के अवस्था में प्रयोग किया जा सकता है यदि समस्या गंभीर है तो किसी योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें तथा उसके परामर्श के अनुसार दवा ले
धन्यवाद