Eye flu आई फ्लू के लक्षण कारण और 10 रामबाण घरेलू उपचार
यदि आई फ्लू होने के लक्षण शुरुआत में ही पता चल जाए तो ४ से ७ दिन में घरेलू उपचार करके इस से जल्द निजात पाया जा सकता है।
आई फ्लू होने के कारण (due to eye flu)
आई फ्लू वायरस जनित बीमारी होने के कारण यह एक दूसरे में बहुत जल्दी से फैलता है। अतः इसके कारण निम्नलिखित है।
१. ऋतु या मौसम – आई फ्लू वायरस इंफ्लुएंजा ( Influenza ) वायरस है आमतौर पर यह शीत ऋतु में संक्रमण बनाने का काम करता है। इसलिए यह बीमारी शीत ऋतु में ज्यादा होने की संभावना होती है
२. छुआछूत – यह वायरस छुआछूत से बहुत तेजी से फैलता है इसका दूसरा कारण छुआछूत भी है और यह ज्यादातर खांसी या छींकने के द्वारा हवा में उड़ते हुए छोटे बूंदों के माध्यम से फैलता है। इसके अलावा, आई फ्लू का बढ़ने का कारण भी संक्रमित वस्तुओं के संपर्क, संक्षेपण, और अव्यवस्थित जीवनशैली भी हो सकती है।
३. वैक्सीनेशन- नियमित रूप से इंफ्लुएंजा ( Influenza ) की वैक्सीन की लगा लेना चाहिए, विशेष रूप से जो लोग अधिक आधिकारिक तथा संबंधित होते हैं, जैसे बुजुर्ग, बच्चे, और अस्थमा या किसी अन्य मौत संबंधी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति।
आई फ्लू होने के लक्षण (eye flu symptoms)
आई फ्लू होने के लक्षण (eye flu symptoms) निम्नलिखित हैं
५. आंखों में चुभन महसूस होती है
आई फ्लू होने पर उपरोक्त सभी लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
आई फ्लू से बचने के उपाय –
१. हाथ धोना और फेस मास्क लगाएं – हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोना और वायरस से संपर्क को रोकने के लिए फेस मास्क पहनना महत्वपूर्ण है।
२. स्वच्छता और सावधानी बरतें – अशुद्ध जल, खाद्य वस्त्र, और सामग्री से दूर रहने के साथ स्वच्छता को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
३. आदर्श आदतो का पालन करें – अच्छी आदतें बनाने, पर्याप्त नींद लेने, सही खान-पान करने, और योग्य व्यायाम करने से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं।
४. संक्रमण से दूरी बनाए – आई फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से संबंध को बचाने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना चाहिए।
⇒ आई फ्लू वाले रोगी से दूर रहें ।
⇒ आई फ्लू रोगी के कपड़े तौलिया बिस्तर आदि का इस्तेमाल ना करें।
⇒ आंखों को साफ पानी से धोते रहे।
अब हम आपको बताएंगे 10 रामबाण घरेलू उपचार (eye flu treatment )
आंखों में दर्द, सूजन, जलन और लाली होने पर निम्नलिखित घरेलू उपचार अपनाएं
१. सूखी धनिया को कूटकर पानी में उबाल लें। उस पानी को कपड़े से छान करके आंखों में टपकाएं। इससे लाली मिटती है, दर्द कम होता है और आंखों से पानी बहना बंद हो जाता है।
२. आंखों में जलन होने पर गाय का मक्खन आंखों पर लगाने से आंखों की जलन दूर होती है।
३. दही की मलाई का लेप पलकों पर करने से आंखों की सूजन- जलन दूर हो जाती है।
४. फिटकिरी, हल्दी और इमली के पत्ते समभाग में लेकर पीस लें। फिर उसकी पुल्टिस बनाकर आंखों पर सेंक करें। आंखों की जलन खत्म हो जाएगी।
५. आंखों की जलन की राहत के लिए दस ग्राम किशमिश रात को पानी में भिगो दें। सुबह हाथ से मसलकर पानी छान लें। फिर उसमें शक्कर मिलाकर पीने से आंखों की जलन में राहत मिलती है।
६. आंखों में सूजन और जलन होने पर गुलाब जल में फूली फिटकिरी डालकर आंखों को धोने और बूंद-बूंद करके आंखों में टपकाने से दर्द, जलन एवं सूजन में लाभ होता है।
७. आंखों में पीड़ा होने पर प्याज का रस आंखों में लगाने से नेत्रों की पीड़ा मिटती है।
८. आंखों में सूजन और जलन होने पर हल्दी की गांठ को पानी द्वारा पत्थर पर घिस लें और सलाई से आंखों में लगाएं। कुछ ही दिनों में आंखों की सूजन- जलन ठीक हो जाएगी।
९. आंखों में दर्द होने पर एक तोला हल्दी को एक पाव पानी में औटाकर कपड़े से छान लें । इस जल के सहने योग्य हो जाने पर बूंद-बूंद करके आंखों में टपकाएं। इससे आंखों की जलन एवं सूजन जल्दी मिट जाती है।
१०. शहद के साथ त्रिफले का चूर्ण लगातार कुछ दिन खाने से आंखों का दर्द, जलन, सूजन और पानी बहना आदि रोग नष्ट हो जाते हैं।
नोट :- यह बताया गया उपचार सामान्य प्रकार के अवस्था में प्रयोग किया जा सकता है यदि समस्या गंभीर है तो किसी योग्य नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें तथा उसके परामर्श के अनुसार दवा ले।
धन्यवाद
अशोक तिवारी